




राज्य मत्स्य सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तराखंड की स्थापना राज्य में मत्स्य सहकारी समितियों के सशक्तिकरण, मत्स्य उत्पादन के विकास तथा उत्तराखंड में सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई है। यह संघ उत्तराखंड सरकार के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए राज्य की विभिन्न मत्स्य सहकारी समितियों के बीच समन्वय स्थापित करता है और उन्हें तकनीकी, विपणन एवं प्रबंधन संबंधी सहयोग प्रदान करता है।
संघ का मुख्य उद्देश्य राज्य में मत्स्य संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करना, मछुआरों की आय में वृद्धि करना तथा उन्हें आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षण और बेहतर बाजार सुविधाओं से जोड़ना है। इसके अंतर्गत मत्स्य बीज उत्पादन, मत्स्य पालन को बढ़ावा, मत्स्य उत्पादों का विपणन, भंडारण एवं प्रसंस्करण जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
राज्य मत्स्य सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तराखंड, सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली के माध्यम से कार्य करता है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मछुआरों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। संघ का लक्ष्य आत्मनिर्भर मत्स्य क्षेत्र का निर्माण कर राज्य की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान देना है।
उत्तराखंड में मत्स्य पालन तेजी से विकसित हो रहा है और यह उन क्षेत्रों में से एक है जो ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर आकर्षित कर रहा है। राज्य में मत्स्य संसाधन सीमित हैं, लेकिन उनके संरक्षण, नवीनीकरण और क्षेत्रफल विस्तार के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्य मत्स्य सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तराखंड राज्य में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य उत्पादों के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को भी बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत संघ द्वारा मत्स्य उत्पादों की गुणवत्ता मानकों के अनुसार ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड-चेन सुविधा, प्रसंस्करण एवं ब्रांडिंग की व्यवस्था की जाती है, ताकि राज्य के मछुआरों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सके। निर्यात गतिविधियों के माध्यम से न केवल मत्स्य उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होता है, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा अर्जन तथा उत्तराखंड के लोगो की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाती है।